ए ज֣ एस आंकֺों क֪ ैंपंि...

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  • कृषि जवै सचूना कें द्र

    भा.कृ.अन.ुप-भारतीय कृषि साांषययकी अनसुांधान सांस्थान

    लाइब्ररेी एवने्यू, पसूा, नई दिल्ली– 110012

    प्रषतभाषियों की सांयया : 25

    जमा करन ेकी अांषतम तारीख : दिसम्बर 15, 2019

    चुन ेिए उम्मीिवारों की सचूना : दिसम्बर 20, 2019

    कृषि षिक्षा प्रभाि

    भारतीय कृषि अनसुांधान पररिि ्

    द्वारा प्रायोषजत

    फरवरी 06-26, 2020

    एन जी एस आांकडों के मैंपपांि एवां जीनोम वाइड असोषियन

    स्टडीज उपयोि हते ुउन्नत जवैसचूना तकनीक

    पर प्रषिक्षण काययक्रम

    उच्च सांकाय प्रषिक्षण कें द्र के अांतियत

    पाठ्यक्रम समन्वयक : डॉ. मीर आषसफ इक़बाल

    सह-पाठ्यक्रम समन्वयक : डॉ. साररका

    पुस्तकालय की सुषवधा

    सांस्थान के पास साांषययकी, कां प्यटूर षवज्ञान, िषणत और जवैसचूना षवज्ञान

    स ेसांबांषधत महत्वपणूय और नवीनतम पसु्तकों और पषिकाओं के साथ एक

    परूी तरह स ेससुषित कम्प्यटूरीकृत पसु्तकालय ह।ै

    भा.कृ.अनु.प.-आई.ए.एस.आर.आई. के बारे में षववरण

    भा.कृ.अन.ुप.-आई.ए.एस.आर.आई. मयुय रूप स े कृषि साांषययकी, कां प्यटूर

    अनपु्रयोि और जवै सचूना षवज्ञान के क्षिे में अनसुांधान और प्रषिक्षण प्रिान

    करन ेषलए जाना जाता ह।ै सांस्थान न ेकृषि अनसुांधान की िणुवत्ता में सधुार के

    षलए कां प्यटूर अनपु्रयोि और जवै सचूना षवज्ञान के साथ षववकेपणूय रूप स े

    साांषययकी की िषि का उपयोि भी दकया ह।ै समय के साथ—साथ सांस्थान न े

    खिु को अत्याधषुनक सषुवधाओं और उन्नत तकनीकों स े ससुषततत दकया ह ै

    तादक बिल ेहुए पररिशृ्य में आवश्यकताओं को परूा दकया जा सके।

    एडवाांस्ड सुपर-कां प्यूटटांि हब फॉर ओषमक्स

    नॉलेज इन एग्रीकल्चर (अिोका)

    सांस्थान न े 256 नोड षलनक्स, 16 नोड जीपीय ू और 16 नोड पवांडोज

    क्लस्टर के साथ एक उच्च-प्रिियन कां प्यूटटांि सषुवधा स्थाषपत की ह।ै इसमें उच्च

    िषत की कनषेक्टषवटी ह ैऔर यह राष्ट्रीय जवै-कां प्यटूटांि पोटयल के माध्यम स े

    िोधकतायओं के षलए उपलब्ध ह।ै

    पररचय

    कृषि भषूम का आकार घटता जा रहा ह ै और 2050 तक हमें 1.6 अरब की

    आबािी को खाना उपलब्ध कराना ह,ै अतः समय आ िया ह ै दक जीनोषमक्स

    िषृिकोण का उपयोि करके फसल, पि ुऔर मछली की उत्पािकता को बढ़ाया

    जाय।े यहााँ उत्पन्न बडे (षबि) डटेा को जीनोम आधाररत चयन के षलए महत्वपणूय

    इनपटु प्राप्त करन े के षलए मांथन करना होिा षजसस ेतजेी स ेआनवुांषिक लाभ

    होिा। यह घरेल ू और वषैिक बाजार की आवश्यकता के अनसुार िणुवत्ता में

    सधुार के साथ उपज को सक्षम करेिा। वतयमान प्रषिक्षण काययक्रम इस उद्देश्य के

    साथ कृषि षिक्षा षवभाि, भारतीय कृषि अनसुांधान पररिि, नई दिल्ली के

    प्रायोजन में आयोषजत दकया जा रहा ह।ै प्रषिक्षण उन िोधकतायओं के षलए तयैार

    दकया िया ह ै षजनके

    अनसुांधान के परीक्षणों में

    जीनोषमक डटेा उत्पन्न

    होता ह।ै यह प्रषिक्षण

    व्यापक प्रषिक्षण ह ैषजसम े

    क्षिे-अनपु्रयोिों में उच्च

    आयामी जीनोषमक डटेा

    के षवश्लिेण के षलए

    आवश्यक बषुनयािी

    अवधारणायें और तरीके

    सांकषलत ह।ै जीनोषमक्स

    आधाररत कृषि

    उत्पािकता की सफलता मयुय रूप स े जीनोटाइप डटेा को फेनोटाइप के साथ

    एसोषसएिन अध्ययन के रूप में जोडन ेतथा प्रजनन मानों के तजे और सटीक

    पवूायनमुान पर षनभयर ह।ै जीनोम वाइड एसोषसएिन स्टडीज़ (GWAS) के

    माध्यम स े हजारों एस.एन.पी. माकय रों का उपयोि करके आनवुांषिक लाभ को

    बढ़ाया जा सकता ह।ै आर्टयदफषियल इांटेषलजेंस (ए.आई.) और मिीन लर्निंि

    (एम.एल.) जीनोषमक और प्रोरटओषमक डटेा का उपयोि करके डायग्नोषस्टक्स

    बायोमाकय र के साथ-साथ षचदकत्सीय अणओुं की खोज के षलए बहेतर सटीकता

    के साथ और अषधक तेजी स े षवश्लिेण दकया जा सकता ह।ै कम्प्यटेूिनल

    जीवषवज्ञान को परेू जीनोम अनकु्रमण स े जीनोषमक चयन साधन तक एक

    महत्वपणूय भषूमका षनभानी ह।ै यह फसल, पि ुऔर मछली के उच्च उत्पािन और

    बहेतर रोि प्रबांधन को सषुनषित करेिा।

    अषतषथ िहृ

    सांस्थान के पास प्रषतभाषियों की जरूरतों को परूा करन े के षलए सिुम

    सषुवधाओं वाला एक अषतषथ िहृ ह।ै

  • प्रषिक्षण के बारे में षववरण

    जवैप्रौद्योषिकी अनसुांधान की आवश्यकता को परूा करन े के षलए जवै सचूना षवज्ञान मानव सांसाधन षवकास के "महत्वपणूय समहू" को बढ़ावा िने े के षलए

    एन.ए.आर.ई.एस. स ेप्रषतभाषियों को लने े के उद्देश्य स ेप्रषिक्षण काययक्रम की योजना बनाई िई ह।ै यह प्रषिक्षण काययक्रम अषद्वतीय और लाभप्रि होिा क्योंदक यह

    एन.जी.एस. आधाररत जीनोषमक्स और ट्ाांसदक्रपटॉषमक्स डटेा उत्पािन को समझन े स े आरम्भ होकर उच्च थ्रपूटु डटेा षवश्लिेण तक होिा | इस प्रषिक्षण में षन्

    अन्तर्वयि हैं :-

    1. भा.कृ.अन.ुप.-आई.ए.एस.आर.आई., नई दिल्ली में कम्प्यटेूिनल सषुवधा (ASHOKA)

    2. उच्च प्रिियन कम्प्यटूटांि

    3. मौषलक जवैसचूना षवज्ञान

    4. जैषवक डटेाबसे

    5. जीनोषमक डटेा षवश्लिेण / िणुवत्ता षनस्पांिन (द़िल्टटरांि) और पवूय प्रसांस्करण

    6. जीनोम वाइड एसोषसएिन अध्ययन और जीनोषमक सलेके्िन

    7. जीनोम एनोटेिन सांरचनात्मक और कायायत्मक

    8. जीनोम असेंबली साधन (सांिभय षनिषेित / डी नोवो )

    9. ट्ान्सदक्रप्टोम डटेा षवश्लिेण

    10. जीन षनयामक नटेवकय और षसस्टम जीवषवज्ञान

    11. एलील माइपनांि (एस.एस.आर., एस.एन.पी. और इांडले्स)

    12. प्रोटीन मॉडपलांि और आणषवक िषतिीलता षसमलुिेन

    13. मटेाजीनोषमक्स

    14. आई.पी. सचूना षवज्ञान

    15. आर्टयदफषियल इांटेषलजेंस (ए.आई.) और मिीन लर्निंि (एम.एल.) षवश्लिेण में

    जीनोषमक और प्रोरटओषमक डटेा का प्रयोि

    नामाांकन

    भाि लने े के षलए आवेिन ऑनलाइन सीबीपी पोटयल https://

    cbp.icar.gov.in/ या भाकृअनपु साइट http://www.icar.org.in/

    (त्वररत पलांक के तहत कैपाषसटी षबपल्डांि प्रोग्राम पलांक पर) का उपयोि

    करके भरा जाना चाषहए। उपयोिकताय को सीबीपी साइट पर खाता

    बनाना होिा और दफर प्रषिक्षण काययक्रम के षलए ऑनलाइन आविेन

    करन ेके षलए षसस्टम में प्रविे आईडी का उपयोि करना होिा। आविेन

    भरन े के बाि, आविेन का पप्रांट लें और इस ेसांिठन के सक्षम प्राषधकारी

    द्वारा स्वीकृत करवाएां। उपरोि पोटयल के माध्यम स ेआविेन की स्कैन की

    िई कॉपी अपलोड करें या डाक स ेभजेें।

    उदे्दश्य

    कृषि में जवैसचूना षवज्ञान के अनपु्रयोिों के बारे में प्रषतभाषियों के बीच जािरूकता

    को उजािर करना |

    इस सि के माध्यम स े कृषि में जवै सचूना षवज्ञान के व्यावहाररक व दक्रयािील

    अनपु्रयोिों का प्रिियन करना।

    पाठ्यक्रम के मॉड्यलू

    मलूतत्व जवै सचूना

    एन.जी.एस. डटेा की असेंबली और एनोटेिन

    आर.एन.ए. सके (RNAseq) एवां लघ ुआर.एन.ए. आाँकडों का षवश्लिेण

    आणषवक माकय र खोज

    जीनोम वाइड असोषियन स्टडीज एवां षसस्टम जीवषवज्ञान

    मटेाजीनोषमक्स एवां प्रोरटओषमक्स

    सामान्य जानकारी

    यदि प्रायोजक सांिठनों द्वारा यािा का प्रबांध नहीं दकया जाता ह ै तो

    प्रषतभाषियों को यािा के आने-जान ेका दकराया उनके पािता विय के अनसुार

    भिुतान दकया जाएिा, यद्यषप, यािा टे्न या बस या दकसी अन्य पररवहन के

    साधन जो प्रचलन में हो द्वारा दकया जा सकता ह ै परन्त ु भिुतान की राषि

    अषधकतम केवल ए.सी. षद्वतीय श्रणेी का दकराया (राजधानी और िताब्िी को

    छोडकर) षजतना ही होिा। षिक्षण के िौरान प्रषतभाषियों को षन:िलु्क बोर्डिंि

    और रहन ेकी सषुवधा प्रिान की जाएिी। प्रषतभाषियों को सलाह िी जाती ह ै

    दक व े पररवार के सिस्यों को अपन े साथ न लाएाँ। यदि कोई भी प्रषतभािी

    हवाई यािा करना चाहता ह,ै तो रटकट "एयर इांषडया" में केवल एयर इांषडया

    वबेसाइट / एम.एस. अिोका टै्वले्स एांड टूसय / एम.एस. बाल्मर लॉरी एांड

    कां पनी षलषमटेड के माध्यम स ेबकु दकया जाना चाषहए। इन मामलों में उनका

    दकराया केवल एसी षद्वतीय श्रणेी तक सीषमत रहिेा।

    पािता

    उम्मीिवारों के पास कृषि / समविी षवज्ञान / पि ु षचदकत्सा षवज्ञान / मत्स्य

    षवज्ञान आदि के दकसी भी षविय में मास्टर षडग्री होनी चाषहए | उन्हें

    एन.ए.आर.ई.एस. में पि (वैज्ञाषनक / सहायक प्रोफेसर के पि स ेनीच ेनहीं) पर

    काययरत होना चाषहए षजसमें भाकृअनपु सांस्थान / रातय कृषि षविषवद्यालय /

    षनििेालय / राष्ट्रीय अनुसांधान कें द्र / कृषि षवज्ञान कें द्र / कें द्रीय कृषि

    षविषवद्यालय / कें द्रीय षविषवद्यालयों के तहत कृषि सांकाय आदि िाषमल हैं।

    डॉ. एल.एम.भर

    षनििेक

    ईमले: director.iasri@icar.gov.in

    ़िोन : 011-25841479 ; Fax : 91-11-25841564

    डॉ. अषनल राय

    प्रभाि प्रधान (केषबन ),

    ईमले: anil.rai@icar.gov.in

    ़िोन : 011-25841721

    डॉ. मीर आषसफ इक़बाल

    पाठ्यक्रम समन्वयक

    ईमले : ma.iquebal@icar.gov.in; jiqubal@gmail.com

    ़िोन : 01125847121-6/4324; +91-8860912108

    डॉ. साररका

    सह-पाठ्यक्रम समन्वयक

    ईमले : sarika@icar.gov.in; aijaiswal@gmail.com

    ़िोन : 01125847121-6/4315; +91-9718833806

    मौसम

    नई दिल्ली में फरवरी के िौरान हल्की ठांड होती ह।ै प्रषतभाषियों को

    सलाह िी जाती ह ैदक वह ऊनी कपड ेसाथ लायें ।

    http://www.icar.org.in/